
Ammonia gas leak in Tamil Nadu
हाल ही में तमिलनाडु के तिरुवल्लूर ज़िले में स्थित एक निजी समुद्री खाद्य निर्यात इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की घटना हुई, जिसमें कई लोगों की मृत्यु हो गई तथा कई श्रमिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- परिचय: अमोनिया एक रंगहीन, विषैली गैस है, जिसकी गंध तीव्र और तीक्ष्ण (Pungent) होती है। यह प्राकृतिक रूप से पौधों एवं जीव-जंतुओं के अपघटन से उत्पन्न होती है तथा औद्योगिक रूप से नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के उपयोग से हैबर-बॉश प्रक्रिया द्वारा भी निर्मित की जाती है।
- प्रभाव: अमोनिया के उच्च स्तर के संपर्क में आने से त्वचा, आँखों, गले और फेफड़ों में जलन हो सकती है। इससे खाँसी, जलन, मतली, उल्टी, साँस लेने में कठिनाई, त्वचा पर फफोले और गले में सूजन जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
- स्वास्थ्य जोखिम: गंभीर मामलों में अमोनिया के संपर्क से पल्मोनरी एडिमा (फेफड़ों में द्रव भरना), ऑक्सीजन की गंभीर कमी, फेफड़ों की क्षति, श्वसन विफलता और मृत्यु तक हो सकती है। दीर्घकालिक संपर्क से पुरानी खाँसी, अस्थमा और फेफड़ों में स्थायी क्षति का जोखिम बढ़ सकता है।
- उपचार: अमोनिया विषाक्तता के लिये कोई विशिष्ट प्रतिविष (Antidote) नहीं है। उपचार मुख्यतः शरीर से अमोनिया के संपर्क को हटाने तथा सहायक चिकित्सा पर आधारित होता है, जैसे- ऑक्सीजन सहायता, श्वसन प्रबंधन और आँखों एवं त्वचा की चोटों का उपचार।
- रासायनिक एवं औद्योगिक आपदाओं से सुरक्षा के प्रमुख प्रावधान:
- रासायनिक दुर्घटना नियम, 1996
- खतरनाक रसायनों के निर्माण, भंडारण एवं आयात नियम (MSIHC), 1989
- रासायनिक दुर्घटनाएँ (आपातकालीन योजना, तैयारी एवं प्रतिक्रिया) नियम, 1996
- आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025
- व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-स्थिति संहिता, 2020
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (EPA), 1986

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